जब हम ना होंगे, जब हमारी ख़ाक पे तुम रुकोगे चलते चलते
अश्कों से भीगी चांदनी में इक सदा सी सुनोगे चलते चलते
वही पे कही हम तुमसे मिलेंगे बनके कली बनके सबा बाग़-ए-वफ़ा में
रहें ना रहें हम महका करेंगे बन के कली बनके सबा बाग़-ए -वफ़ा में।

This beautiful song written by Majrooh Sultanpuri and sung by Lata Jee from film ‘Mamta’ started playing somewhere down the memory lanes as I dozed off during my recent travel to CMC, Vellore. Continue reading